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हे गणेश जी! जैसा बुढ़िया माई को दिया वैसा सबको देना।
नमस्कार हे ज्वाला माता, दीन दुखी की भाग्य विधाता। ज्योति आपकी जगमग जागे, दर्शन कर अंधियारा भागे। नव दुर्गा है रूप तिहारा, चौदह भुवन में दो उजियारा। ब्रह्मा विष्णु शंकर द्वारे, जै माँ जै माँ सभी उच्चारे ।
मैं भोला पर्वत का रै तू राणी महला की तेरी मेरी पार पड़ै ना बेशक लिखी पहला की. तू भोला पर्वत का रे मैं रानी महला की तेरी मेरी जोरी खूब जमे या लिखी पहला की किसे राजा तै ब्याह करवाले मेरी गैल म रै पछतावैगी तेरी काया पड़ज्या काली रै
महामृत्युंजय मंत्र की महिमा अपार है, इस महामंत्र के जाप मात्र से किसी भी व्यक्ति की बड़ी से बड़ी बीमारी ठीक हो जाती है। अगर कोई भक्त सच्चे मन से इस महामंत्र का निरंतर जाप करता है, तो वह अकाल मृत्यु पर भी वजय प्राप्त कर सकता है।
Shivji Ki Aarti | शिवजी की आरती | जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥ Shiv ji ki aarti, Jai Shiv Omkara, shiv aarti, aarti shiv ji ki
एक महाराजा थे, राजा का नाम मकरध्वज था। मकरध्वज बहुत अधिक धार्मिक प्रवृत्ति के राजा थे और अपने बच्चों की तरह अपनी प्रजा का पालन करते थे। इसलिए उसके राज्य के लोग पूरी तरह से खुश और संतुष्ट थे, लेकिन राजा को मुनि याज्ञवल्क्य से बहुत लगाव था।
सोमवार की चुनी हुई प्रेरणादायक कथा एवं ब्लॉग
पौष पुत्रदा एकादशी व्रत संतान सुख, वंश वृद्धि और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ माध्यम है। शास्त्रों में वर्णित विधि से किया गया यह व्रत जीवन को सुख, शांति और समृद्धि से भर देता है।
श्री शङ्कराचार्य कृतं - शिव स्वर्णमाला स्तुति। शिव स्वर्णमाला स्तुति एक दिव्य और दुर्लभ स्तोत्र है जिसमें भगवान शिव के 108 पवित्र नामों का संकीर्तन किया गया है।
शनि देव डर का नहीं, कर्म का देवता हैं। जानिए शनि कौन हैं, शनि कष्ट क्यों देते हैं, शनि साढ़ेसाती का अर्थ और हिंदू शास्त्रों में शनि का वास्तविक उद्देश्य।
चांदी का चौकोर टुकड़ा पास रखना क्यों शुभ माना जाता है? जानिए ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में इसके फायदे, चंद्रमा-शुक्र ग्रह को मजबूत करने के उपाय, राहु के दोष से बचाव और मानसिक शांति व समृद्धि से जुड़े रहस्य।
सरस्वती वन्दना (सरस्वती वन्दना) ज्ञान र वाणीकी देवी माता सरस्वतीको ध्यान गर्दा प्रशंसा गर्नुपर्छ। या कुन्देन्दु तुषारहार धवला या शुभ्रवस्त्रावृता। या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।।
Panchanguli Mata Jyotish Vidya aur Hastrekha ki devi ke roop me Pooja jata hai, in devi ka tap/sadhna keval anubhavi guru ke margdarshan me karni chahiye.
जया एकादशी पर जो भी भक्त भगवान श्री विष्णु और माँ लक्ष्मी की पूजा आराधना करता है, उन भक्तों के सभी कष्ट मिट जाते हैं हमारे भगवान की विशेष कृपा प्राप्त करते हैं।
Shiv Mahimna Stotra
॥ श्री लिङ्गाष्टकम् ॥ ; ब्रह्ममुरारिसुरार्चितलिङ्गंनिर्मलभासितशोभितलिङ्गम्। जन्मजदुःखविनाशकलिङ्गं ; देवमुनिप्रवरार्चितलिङ्गं कामदहम्करुणाकर लिङ्गम्। रावणदर्पविनाशनलिङ्गं ; सर्वसुगन्धिसुलेपितलिङ्गंबुद्धिविवर्धनकारणलिङ्गम्।
श्रीराम, रामचन्द्र, रामभद्र, शाश्वत, राजीवलोचन, श्रीमान् राजेन्द्र, रघुपुङ्गव, जानकीवल्लभ....
कामाख्या देवी मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है। मान्यता है कि यहाँ पर देवी सती का एक अंग गिरा था, जिससे यह स्थान बहुत पवित्र माना जाता है। यहाँ भक्त माता से आशीर्वाद प्राप्त करने और अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए आते हैं।
श्री पंचमुखहनुमत्कवच स्तोत्र एवं अर्थ-ॐ अस्य श्रीपञ्चमुखहनुमत्कवचमन्त्रस्य ब्रह्मा ऋषि:। गायत्री छंद:। पञ्चमुख-विराट् हनुमान् देवता। ह्रीं बीजम्। श्रीं शक्ति:। क्रौं कीलकं। क्रूं कवचं। क्रैं अस्त्राय फट्। इति दिग्बन्ध:।
क्या आप जानते हैं कि आपके घर की रक्षा कौन कर रहा है? वह एक राक्षस/दानव है और भगवान शिव से उन्हें वरदान मिला हुआ है। इन्हें सुरक्षा और अच्छे परिवर्तन का शक्तिशाली ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करता है।